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मौर्य साम्राज्य: प्राचीन भारत का स्वर्णिम युग

मौर्य साम्राज्य: प्राचीन भारत का स्वर्णिम युग

Mauryan Empire in Hindi - मौर्य साम्राज्य इतिहास नोट्स

मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire)

UPSC • UPPSC • UPSSSC • BPSC • SSC • Railway के लिए Complete Exam Notes

मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। चंद्रगुप्त मौर्य, चाणक्य, बिंदुसार, अशोक, कलिंग युद्ध, अशोक का धम्म, मौर्य प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कला एवं स्थापत्य से संबंधित प्रश्न UPSC, State PCS, SSC, Railway और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

यहाँ मौर्य काल को NCERT-oriented + exam-oriented तरीके से एक जगह संक्षेप में व्यवस्थित किया गया है ताकि Prelims और One-Day Exams की तैयारी में त्वरित Revision किया जा सके।

📜 मौर्य काल के ऐतिहासिक स्रोत

मौर्य काल के इतिहास के पुनर्निर्माण में साहित्यिक, पुरातात्विक, अभिलेखीय तथा विदेशी विवरणों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

स्रोत महत्वपूर्ण जानकारी
अर्थशास्त्र कौटिल्य से संबद्ध ग्रंथ; राज्य, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, कर एवं कूटनीति की जानकारी।
इंडिका मेगस्थनीज का विवरण; मौर्य समाज, प्रशासन एवं पाटलिपुत्र के बारे में जानकारी।
मुद्राराक्षस विशाखदत्त का नाटक; चंद्रगुप्त के उदय और नंदों के पतन की परंपरा का विवरण।
बौद्ध ग्रंथ दीपवंश, महावंश, दिव्यावदान आदि से अशोक और बौद्ध धर्म से संबंधित जानकारी।
जैन परंपरा चंद्रगुप्त के अंतिम जीवन तथा जैन धर्म से संबंध की जानकारी।
अशोक के अभिलेख धम्म, प्रशासन, प्रजा-कल्याण, धार्मिक सहिष्णुता और कलिंग युद्ध की जानकारी।
पुरातात्विक साक्ष्य पाटलिपुत्र, कुम्हरार, स्तंभ, गुफाएँ, NBPW, आहत सिक्के आदि।

🏛️ मौर्य साम्राज्य का उदय

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में मगध एक शक्तिशाली महाजनपद के रूप में उभरा। हर्यक, शिशुनाग और नंद वंशों के बाद मगध की राजनीतिक शक्ति का विस्तार हुआ। नंद शासन के अंतिम चरण में चंद्रगुप्त मौर्य और कौटिल्य के नेतृत्व में मौर्य सत्ता का उदय हुआ।

  • मौर्य वंश के संस्थापक — चंद्रगुप्त मौर्य
  • राजधानी — पाटलिपुत्र
  • राजनीतिक रणनीतिकार — कौटिल्य/चाणक्य/विष्णुगुप्त
  • मौर्य साम्राज्य ने पहली बार भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े भूभाग को एक केंद्रीय सत्ता के अधीन किया।

👑 मौर्य शासकों की सूची

क्रम शासक लगभग शासनकाल
1 चंद्रगुप्त मौर्य c. 321–297 ई.पू.
2 बिंदुसार c. 297–273 ई.पू.
3 अशोक c. 273–232 ई.पू.
4 दशरथ अशोक के बाद
5 सम्प्रति उत्तर-मौर्य काल
6 शालिशुक उत्तर-मौर्य काल
7 देववर्मन उत्तर-मौर्य काल
8 शतधन्वन उत्तर-मौर्य काल
9 बृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक
🎯 Exam Tip: मौर्य शासकों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण नाम चंद्रगुप्त मौर्य → बिंदुसार → अशोक हैं।

⚔️ चंद्रगुप्त मौर्य

मुख्य तथ्य

  • मौर्य साम्राज्य का संस्थापक।
  • कौटिल्य/चाणक्य की सहायता से नंद सत्ता का अंत किया।
  • राजधानी — पाटलिपुत्र
  • यूनानी स्रोतों में चंद्रगुप्त का नाम Sandrokottos / Androkottos आदि रूपों में मिलता है।
  • सेल्यूकस निकेटर के साथ संघर्ष के बाद संधि हुई।
  • मेगस्थनीज सेल्यूकस का राजदूत था जो चंद्रगुप्त के दरबार में आया।
  • मेगस्थनीज की रचना Indica मौर्य समाज एवं प्रशासन के अध्ययन का महत्वपूर्ण विदेशी स्रोत है।
  • जैन परंपरा के अनुसार चंद्रगुप्त ने जीवन के अंतिम समय में जैन धर्म अपनाया और श्रवणबेलगोला गया।
चंद्रगुप्त
मौर्य साम्राज्य का संस्थापक
चाणक्य
कौटिल्य / विष्णुगुप्त
मेगस्थनीज
सेल्यूकस का राजदूत
इंडिका
मेगस्थनीज की रचना

👑 बिंदुसार

  • चंद्रगुप्त मौर्य के उत्तराधिकारी।
  • यूनानी स्रोतों में बिंदुसार का नाम Amitrochates आदि रूपों में मिलता है।
  • बौद्ध एवं अन्य परंपराओं में उनके नाम से संबंधित विभिन्न रूप मिलते हैं।
  • सीरिया के शासक Antiochus I के साथ कूटनीतिक संबंध थे।
  • यूनानी दूत Deimachus को बिंदुसार के दरबार से जोड़ा जाता है।
  • तक्षशिला में विद्रोह की परंपरा का उल्लेख मिलता है; दिव्यावदान में अशोक की भूमिका का भी वर्णन है।
  • तारानाथ की परंपरा बिंदुसार को व्यापक विजय से जोड़ती है, हालांकि ऐसे विवरणों को स्रोत-समीक्षा के साथ पढ़ना चाहिए।
याद रखें: चंद्रगुप्त → बिंदुसार → अशोक = मौर्य वंश के तीन सबसे महत्वपूर्ण शासक।

☸️ सम्राट अशोक

अशोक मौर्य वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था। उसके शासनकाल की जानकारी विशेष रूप से उसके अभिलेखों से मिलती है।

  • मौर्य साम्राज्य के तीसरे प्रमुख शासक।
  • राज्याभिषेक लगभग 269 ई.पू. माना जाता है।
  • कलिंग युद्ध — 261 ई.पू. को उसके शासन का निर्णायक मोड़ माना जाता है।
  • कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने हिंसक विजय की अपेक्षा धम्म-विजय पर अधिक जोर दिया।
  • उसके अभिलेखों में नैतिक आचरण, प्रजा-कल्याण, सहिष्णुता और अहिंसा पर बल मिलता है।
  • अशोक ने स्वयं को अभिलेखों में देवानंपिय पियदस्सी जैसे उपाधियों से संबोधित किया।
  • उसके अभिलेख भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिक स्रोतों में हैं।

⚔️ कलिंग युद्ध एवं अशोक का धम्म

कलिंग युद्ध — 261 ई.पू.

अशोक के तेरहवें प्रमुख शिलालेख (Major Rock Edict XIII) में कलिंग युद्ध और उसके परिणामों का महत्वपूर्ण उल्लेख मिलता है। अशोक ने युद्ध से हुई मानवीय क्षति पर पश्चाताप व्यक्त किया और धम्म-विजय को प्राथमिकता दी।

कलिंग युद्ध
261 ई.पू.
महत्वपूर्ण स्रोत
तेरहवाँ प्रमुख शिलालेख
परिवर्तन
धम्म-विजय पर जोर
मुख्य मूल्य
सहिष्णुता, करुणा, नैतिकता

अशोक का धम्म

  • माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान।
  • सभी धार्मिक संप्रदायों के प्रति सम्मान।
  • प्राणियों के प्रति दया।
  • नैतिक जीवन एवं आत्मसंयम।
  • प्रजा के कल्याण पर जोर।
  • धार्मिक कट्टरता के स्थान पर सहिष्णुता।

अशोक के प्रमुख अभिलेख

अभिलेख मुख्य विषय
प्रमुख शिलालेख I पशु-वध एवं बलि पर नियंत्रण।
प्रमुख शिलालेख II मनुष्यों एवं पशुओं के लिए चिकित्सा एवं औषधीय व्यवस्था।
प्रमुख शिलालेख V धम्म-महामात्रों से संबंधित जानकारी।
प्रमुख शिलालेख VII धार्मिक सहिष्णुता एवं विभिन्न संप्रदायों के प्रति सम्मान।
प्रमुख शिलालेख XIII कलिंग युद्ध, पश्चाताप एवं धम्म-विजय।

अशोक के अभिलेखों की लिपियाँ एवं भाषाएँ

  • अधिकांश अभिलेखों में प्राकृत भाषा का प्रयोग हुआ।
  • अधिकांश क्षेत्रों में ब्राह्मी लिपि का प्रयोग हुआ।
  • उत्तर-पश्चिम में खरोष्ठी का प्रयोग मिलता है।
  • कुछ अभिलेखों में ग्रीक और अरामाइक का भी प्रयोग हुआ।
  • अशोक के अभिलेखों को पढ़ने में जेम्स प्रिंसेप की 1837 की उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण थी।

🏛️ मौर्य प्रशासन

मौर्य प्रशासन मजबूत केंद्रीय सत्ता, विस्तृत नौकरशाही, राजस्व व्यवस्था और सैन्य संगठन के लिए जाना जाता है।

सप्तांग सिद्धांत

अंग अर्थ
स्वामीराजा
अमात्यमंत्री/अधिकारी
जनपदक्षेत्र एवं जनसंख्या
दुर्गकिला
कोषराजकोष
बलसेना
मित्रमित्र राज्य

महत्वपूर्ण अधिकारी

  • समाहर्ता — राजस्व संग्रह से संबंधित प्रमुख अधिकारी।
  • सन्निधाता — राजकोष/भंडार से संबंधित अधिकारी।
  • सेनापति — सेना का प्रमुख।
  • अमात्य — उच्च प्रशासनिक अधिकारी वर्ग।
  • महामात्र — विभिन्न प्रशासनिक एवं विशेष कार्यों से जुड़े अधिकारी।

🗺️ प्रांतीय एवं स्थानीय प्रशासन

प्रांत/क्षेत्र प्रमुख केंद्र
उत्तरापथ तक्षशिला
अवन्ति उज्जयिनी
दक्षिणापथ सुवर्णगिरि
कलिंग तोसली
प्राची पाटलिपुत्र

प्रांतों में कई स्थानों पर राजकुमारों या शाही परिवार से जुड़े व्यक्तियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाती थी। स्थानीय प्रशासन में विभिन्न स्तरों के अधिकारी कार्य करते थे।

पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन

मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन में 30 सदस्यों की व्यवस्था थी, जिसे छह समितियों में विभाजित बताया गया है। प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य बताए गए हैं।

💰 मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था

  • अर्थव्यवस्था का आधार — कृषि, पशुपालन एवं व्यापार
  • भूमि राजस्व राज्य की आय का महत्वपूर्ण स्रोत था।
  • कौटिल्य के अर्थशास्त्र में कृषि, सिंचाई, खनन, व्यापार, वन और शिल्प से संबंधित विस्तृत जानकारी मिलती है।
  • सिंचाई के लिए सुदर्शन झील का उल्लेख मिलता है।
  • मौर्य काल में आहत सिक्कों (Punch-marked Coins) का व्यापक उपयोग हुआ।
  • खनिज, वन, नमक आदि कई आर्थिक गतिविधियों पर राज्य का महत्वपूर्ण नियंत्रण था।
  • लोहे के उपयोग ने कृषि विस्तार एवं उत्पादन में योगदान दिया।

प्रमुख आर्थिक शब्द

शब्द अर्थ
भाग भूमि से प्राप्त राजस्व/राजकीय हिस्सा
सीता राजकीय भूमि/राजकीय कृषि से संबंधित शब्द
पण मुद्रा/लेखा की महत्वपूर्ण इकाई
विष्टि बेगार/अनिवार्य श्रम से संबंधित शब्द
वर्तनी सड़क से संबंधित कर के रूप में अर्थशास्त्र में उल्लेख

⚔️ सैन्य एवं गुप्तचर व्यवस्था

मौर्य साम्राज्य की शक्ति का प्रमुख आधार उसकी विशाल सेना और संगठित प्रशासन था। मेगस्थनीज के विवरण में सैन्य प्रशासन से संबंधित छह समितियों का उल्लेख मिलता है।

समिति मुख्य कार्य
1 नौसेना/जल सेना
2 परिवहन एवं रसद
3 पैदल सेना
4 घुड़सवार सेना
5 हाथी सेना
6 रथ सेना

गुप्तचर व्यवस्था

कौटिल्य के अर्थशास्त्र में राज्य की सुरक्षा एवं प्रशासन के लिए गुप्तचर व्यवस्था का विस्तृत वर्णन मिलता है। गुप्तचर तंत्र में स्थिर तथा भ्रमणशील प्रकार के गुप्तचरों का उल्लेख किया गया है।

🗿 मौर्यकालीन कला एवं स्थापत्य

  • मौर्य काल में पत्थर के स्थापत्य का बड़े पैमाने पर विकास हुआ।
  • अशोक स्तंभ मौर्य कला की प्रमुख पहचान हैं।
  • सारनाथ का सिंह शीर्ष भारतीय कला की प्रसिद्ध कृति है।
  • सारनाथ का सिंह शीर्ष भारत का राजकीय प्रतीक है।
  • बराबर की गुफाएँ मौर्यकालीन शैल-कट वास्तुकला का महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
  • कुम्हरार, पाटलिपुत्र से मौर्यकालीन विशाल स्तंभित भवन के अवशेष मिले हैं।
  • मौर्यकालीन स्तंभों पर चमकदार Mauryan Polish विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
  • स्तंभ प्रायः एक ही पत्थर के विशाल खंड से निर्मित किए गए।

परीक्षा में याद रखने योग्य

सारनाथ
सिंह शीर्ष
बराबर
शैल-कट गुफाएँ
कुम्हरार
पाटलिपुत्र के अवशेष
अशोक स्तंभ
मौर्य कला की पहचान

👥 मौर्यकालीन समाज एवं धर्म

मेगस्थनीज ने भारतीय समाज को विभिन्न सामाजिक वर्गों में वर्णित किया है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र से भी मौर्यकालीन सामाजिक एवं आर्थिक जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

  • कृषक वर्ग अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार था।
  • कारीगर, व्यापारी, सैनिक एवं प्रशासनिक वर्ग भी महत्वपूर्ण थे।
  • ब्राह्मणीय, बौद्ध, जैन तथा अन्य धार्मिक परंपराएँ साथ-साथ मौजूद थीं।
  • अशोक के अभिलेख धार्मिक सहिष्णुता और विभिन्न संप्रदायों के सम्मान पर जोर देते हैं।
  • अशोक का धम्म किसी एक संकीर्ण धार्मिक सिद्धांत के बजाय नैतिक-सामाजिक आचरण पर केंद्रित था।

📉 मौर्य साम्राज्य के पतन के कारण

अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय शक्ति धीरे-धीरे कमजोर हुई। विशाल साम्राज्य को एकजुट रखना कठिन हुआ और विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय शक्तियों का उदय होने लगा।

  • कमजोर उत्तराधिकारी — अशोक के बाद प्रभावी केंद्रीय नेतृत्व कमजोर हुआ।
  • विशाल साम्राज्य — दूर-दराज के क्षेत्रों पर नियंत्रण कठिन था।
  • प्रांतीय स्वायत्तता एवं विद्रोह — केंद्रीय नियंत्रण कमजोर पड़ने पर स्थानीय शक्तियाँ मजबूत हुईं।
  • राजकोषीय दबाव — विशाल प्रशासन और सेना को बनाए रखना महंगा था।
  • उत्तराधिकार संबंधी संघर्ष — राजवंशीय शक्ति के कमजोर होने में योगदान।
  • बाहरी दबाव — उत्तर-पश्चिम में नई राजनीतिक शक्तियों का उदय।
⚠️ Exam Correction:
यह कहना कि केवल अशोक की “अहिंसा नीति” या केवल “ब्राह्मण प्रतिक्रिया” के कारण मौर्य साम्राज्य का पतन हुआ, इतिहासकारों द्वारा व्यापक रूप से स्वीकार्य एकमात्र व्याख्या नहीं है। पतन को सामान्यतः बहु-कारकीय प्रक्रिया के रूप में समझना अधिक उचित है।
अंतिम मौर्य शासक: बृहद्रथ
शुंग सत्ता का उदय: पुष्यमित्र शुंग द्वारा बृहद्रथ की हत्या के बाद, लगभग 185 ई.पू.

⚡ Mauryan Empire One-Liner Revision

  • मौर्य वंश का संस्थापक — चंद्रगुप्त मौर्य
  • मौर्य साम्राज्य की राजधानी — पाटलिपुत्र
  • चंद्रगुप्त का प्रमुख सलाहकार — चाणक्य/कौटिल्य
  • कौटिल्य से संबद्ध प्रमुख ग्रंथ — अर्थशास्त्र
  • सेल्यूकस का राजदूत — मेगस्थनीज
  • मेगस्थनीज की रचना — इंडिका
  • चंद्रगुप्त के बाद — बिंदुसार
  • बिंदुसार के बाद — अशोक
  • अशोक का राज्याभिषेक — लगभग 269 ई.पू.
  • कलिंग युद्ध — 261 ई.पू.
  • कलिंग युद्ध का प्रमुख स्रोत — अशोक का तेरहवाँ प्रमुख शिलालेख
  • अशोक का नैतिक-सामाजिक सिद्धांत — धम्म
  • अशोक की उपाधि — देवानंपिय पियदस्सी
  • तृतीय बौद्ध संगीति — पाटलिपुत्र
  • तृतीय बौद्ध संगीति से जुड़े प्रमुख व्यक्ति — मोग्गलिपुत्त तिस्स
  • अशोक के अधिकांश अभिलेखों की भाषा — प्राकृत
  • अधिकांश अभिलेखों की लिपि — ब्राह्मी
  • उत्तर-पश्चिम में प्रयुक्त लिपि — खरोष्ठी
  • मौर्य कला की प्रमुख विशेषता — पत्थर के स्तंभ एवं चमकदार पॉलिश
  • बराबर गुफाएँ — मौर्यकालीन शैल-कट वास्तुकला
  • सारनाथ सिंह शीर्ष — भारत का राजकीय प्रतीक
  • अंतिम मौर्य शासक — बृहद्रथ
  • मौर्य सत्ता के बाद प्रमुख वंश — शुंग वंश

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📝 मौर्य साम्राज्य – महत्वपूर्ण MCQs

Q1. मौर्य साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
A. बिंदुसार
B. चंद्रगुप्त मौर्य
C. अशोक
D. बृहद्रथ
उत्तर: B. चंद्रगुप्त मौर्य
Q2. मेगस्थनीज किसके दरबार में आया था?
A. अशोक
B. बिंदुसार
C. चंद्रगुप्त मौर्य
D. धनानंद
उत्तर: C. चंद्रगुप्त मौर्य
Q3. मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम क्या था?
A. अर्थशास्त्र
B. इंडिका
C. मुद्राराक्षस
D. महावंश
उत्तर: B. इंडिका
Q4. कलिंग युद्ध लगभग कब हुआ था?
A. 326 ई.पू.
B. 305 ई.पू.
C. 261 ई.पू.
D. 232 ई.पू.
उत्तर: C. 261 ई.पू.
Q5. कलिंग युद्ध का उल्लेख विशेष रूप से किस अभिलेख में मिलता है?
A. प्रमुख शिलालेख I
B. प्रमुख शिलालेख V
C. प्रमुख शिलालेख XIII
D. स्तंभ लेख VII
उत्तर: C. प्रमुख शिलालेख XIII
Q6. अशोक के अधिकांश अभिलेख किस लिपि में हैं?
A. देवनागरी
B. ब्राह्मी
C. शारदा
D. नागरी
उत्तर: B. ब्राह्मी
Q7. सारनाथ का सिंह शीर्ष किससे संबंधित है?
A. गुप्त कला
B. मौर्य कला
C. कुषाण कला
D. सातवाहन कला
उत्तर: B. मौर्य कला
Q8. बराबर की गुफाएँ किस काल की प्रमुख शैल-कट वास्तुकला हैं?
A. मौर्य काल
B. गुप्त काल
C. चोल काल
D. कुषाण काल
उत्तर: A. मौर्य काल
Q9. मौर्य प्रशासन में राजस्व संग्रह से संबंधित प्रमुख अधिकारी कौन था?
A. सेनापति
B. समाहर्ता
C. युवराज
D. प्रदेष्टा
उत्तर: B. समाहर्ता
Q10. मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक कौन था?
A. अशोक
B. सम्प्रति
C. बृहद्रथ
D. दशरथ
उत्तर: C. बृहद्रथ
Q11. बृहद्रथ की हत्या किसने की?
A. चाणक्य
B. पुष्यमित्र शुंग
C. अग्निमित्र
D. सेल्यूकस
उत्तर: B. पुष्यमित्र शुंग
Q12. अशोक के धम्म का प्रमुख आधार क्या था?
A. केवल सैन्य विस्तार
B. नैतिक आचरण एवं सहिष्णुता
C. केवल व्यापार विस्तार
D. साम्राज्यवादी युद्ध
उत्तर: B. नैतिक आचरण एवं सहिष्णुता

❓ मौर्य साम्राज्य FAQs

Q1. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की?

चंद्रगुप्त मौर्य ने कौटिल्य/चाणक्य की सहायता से मौर्य सत्ता की स्थापना की।

Q2. मौर्य साम्राज्य की राजधानी क्या थी?

मौर्य साम्राज्य की प्रमुख राजधानी पाटलिपुत्र थी।

Q3. चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में कौन-सा यूनानी राजदूत आया था?

सेल्यूकस निकेटर का राजदूत मेगस्थनीज चंद्रगुप्त के दरबार में आया था।

Q4. मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम क्या था?

मेगस्थनीज की प्रसिद्ध रचना का नाम इंडिका (Indica) था।

Q5. कलिंग युद्ध कब हुआ?

कलिंग युद्ध लगभग 261 ई.पू. में हुआ माना जाता है।

Q6. कलिंग युद्ध के बाद अशोक की नीति में क्या परिवर्तन आया?

अशोक ने युद्ध एवं क्षेत्रीय विजय की अपेक्षा धम्म-विजय और नैतिक शासन पर अधिक जोर दिया।

Q7. अशोक के कलिंग युद्ध का प्रमुख अभिलेख कौन-सा है?

प्रमुख शिलालेख XIII में कलिंग युद्ध और उससे जुड़े पश्चाताप का महत्वपूर्ण विवरण मिलता है।

Q8. भारत का राजकीय प्रतीक किस मौर्यकालीन कृति से लिया गया है?

सारनाथ के सिंह शीर्ष से भारत का राजकीय प्रतीक लिया गया है।

Q9. मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक कौन था?

बृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक था।

Q10. मौर्य साम्राज्य के बाद किस वंश का उदय हुआ?

पुष्यमित्र शुंग द्वारा बृहद्रथ की हत्या के बाद शुंग वंश का उदय हुआ।

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